
पुरी (ओडिशा), 28 जून: ओडिशा के पुरी में शुक्रवार को महाप्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान अचानक आई भारी भीड़ ने स्थिति को बेकाबू कर दिया। इस दौरान 600 से अधिक श्रद्धालु घायल और बीमार हो गए, जिनका इलाज नजदीकी अस्पतालों में किया जा रहा है। रथयात्रा में शामिल लाखों श्रद्धालु भारी उत्साह के साथ प्रभु की रथों को खींच रहे थे, लेकिन भीड़ में घुटन और अफरा-तफरी की वजह से यह हादसा हुआ।
गंभीर हालत में कई श्रद्धालु, रेस्क्यू जारी
सूत्रों के मुताबिक, एंबुलेंस सेवा ने 600 से अधिक श्रद्धालुओं के घायल होने की पुष्टि की है। जबकि कुछ श्रद्धालु नमी के कारण बेहोश हो गए। सभी को तत्काल अस्पताल भेजा गया है। घटनास्थल पर राहत कार्य तेज़ी से चल रहा है।
स्वयंसेवकों ने बनाई मानव श्रृंखला
बीच में व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भा.ज.पा युवा मोर्चा के करीब 1500 स्वयंसेवकों ने मानव श्रृंखला बनाकर रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद की। इन स्वयंसेवकों ने एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे राहत कार्यों को गति मिली।
ओडिशा मंत्री ने स्थिति का किया जायजा
ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग ने घटना के बाद स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा, “कुछ श्रद्धालु अधिक नमी के कारण बेहोश हो गए थे। सभी को तुरंत अस्पताल भेजा गया और राहत कार्य जारी है।” उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों में ग्लूकोज और पानी की पर्याप्त आपूर्ति की जा रही है।
धार्मिक उल्लास के साथ रथयात्रा की शुरुआत
पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा एक बड़ा धार्मिक उत्सव है, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। शुक्रवार को रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों को रस्सियों से खींचते हुए पूजा की। हालांकि, शाम के समय रथयात्रा को स्थगित कर दिया गया और अब शनिवार को यह यात्रा गुंडिचा मंदिर के लिए शुरू होगी। वहां भगवान नौ दिनों तक विश्राम करेंगे।
पुरी में श्रद्धालुओं की भारी संख्या
प्रशासन के अनुसार, रथयात्रा में करीब 10 लाख श्रद्धालु पुरी पहुंचे थे। यात्रा के दौरान श्रद्धालु नाचते-गाते हुए रथों के साथ चल रहे थे, जबकि श्रीमंदिर में वैदिक परंपरा के तहत विशेष अनुष्ठान भी किए गए थे।
राहत कार्य और सुरक्षा व्यवस्था में जुटा प्रशासन
प्रशासन ने सभी आवश्यक राहत सेवाओं को सक्रिय कर दिया है और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम के अनुसार सावधानी बरतें। राहत कार्य लगातार जारी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।



