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जमीनों की पक्की मालिकाना हक दिलाने और सुरक्षित स्थानों पर रिहायशी जगह देने संबंधी किए जाएंगे विशेष प्रयास – राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया

जमीनों की पक्की मालिकाना हक दिलाने संबंधी मांग बिलकुल जायज़

बाल किशन

फिरोज़पुर, 2 सितम्बर: जमीनों की पक्की मालिकाना हक दिलाकर गिरदावरी के ज़रिए फसलों का मुआवज़ा देने और सरकार द्वारा दी जाने वाली योजनाओं का लाभ पहुँचाने संबंधी मांग बिलकुल जायज़ है और इस संबंध में मुख्यमंत्री जी के ध्यान में लाकर पक्के तौर पर हल करने का प्रयास किया जाएगा। इन शब्दों का प्रगटावा पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने आज फिरोज़पुर के गांव बारे के स्कूल में बाढ़ पीड़ितों के लिए बनाए गए राहत केंद्र में मौजूद लोगों से मुलाक़ात करने उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए किया। इस मौके पर उनके साथ विधायक फिरोज़पुर शहरी श्री रणबीर सिंह भुल्लर, कमिश्नर फिरोज़पुर मंडल श्री अरुण शेखड़ी, डिप्टी कमिश्नर दीपशिखा शर्मा और एस.एस.पी भूपिंदर सिंह मौजूद थे। इससे पहले उन्होंने हुसैनीवाला शहीदी स्मारक पहुंचकर शहीदों को श्रद्धा के फूल अर्पित किए। माननीय राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि 250 से अधिक बाढ़ पीड़ितों को बारे के स्कूल में बनाए गए राहत केंद्र में सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने बताया कि ये लोग अपने बुज़ुर्गों के साथ पिछले 70 सालों से खेती करते आ रहे हैं। पहले इन जमीनों की गिरदावरी इनके नाम पर थी, लेकिन अब सरकारी रिकॉर्ड में यह गिरदावरी इनके नाम पर न होने के कारण किसी भी सरकारी योजना का लाभ इन्हें नहीं मिल पाता। इसके अलावा उन्होंने यह भी ध्यान में लाया कि हर साल बाढ़ की मार इन्हें झेलनी पड़ती है। साथ ही जब भी कभी युद्ध जैसे हालात बनते हैं तो इन्हें अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर आना पड़ता है। राज्यपाल महोदय ने कहा कि इनकी बातें सुनकर यह महसूस होता है कि हर साल इन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ती है, इसलिए इनकी समस्या का स्थाई समाधान होना चाहिए। इन समस्याओं के पक्के हल के लिए मुख्यमंत्री से विशेष रूप से मुलाक़ात कर उनके ध्यान में लाकर इसका समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि बॉर्डर के साथ खेती वाली ज़मीनों पर तो यह खेती कर ही रहे हैं लेकिन रहने के लिए इन्हें सुरक्षित स्थानों पर मालिकाना हक देकर जगह दी जा सकती है, ताकि इन्हें बाढ़ और युद्ध जैसे हालातों में अपना घर न छोड़ना पड़े। उन्होंने कहा कि जब भी हेडवर्क्स या बांधों से पानी छोड़ा जाता है तो इस जगह तक पानी पहुँचने में जितना समय लगता है, उस दौरान ही इन्हें किसी भी तरह से सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन और सरकार से बातचीत कर इसका हल निकाला जाएगा, ताकि इन्हें कोई राहत मिल सके। इससे पहले उन्होंने हेडवर्क्स का दौरा कर पानी के स्तर का जायज़ा लिया और रिट्रीट सेरेमनी की ओर जाने वाली सड़क, जो ज़्यादा पानी आने के कारण टूट गई थी, का निरीक्षण किया और इसे जल्द बनाने संबंधी बीएसएफ अधिकारियों से जानकारी हासिल की। इस मौके पर एडीसी दमनजीत सिंह मान सहित प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे।

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