National

लेह को बन रहा तीसरा रास्ता, हर मौसम में रहेगा खुला; बीआरओ ने मशीनों-मजदूरों के साथ झोंकी ताकत

निम्मो-पदम-दारचा-लेह रोड का काम जारी, बीआरओ ने मशीनों-मजदूरों के साथ झोंकी ताकत

केलांग (लाहौल स्पीति), 20 जून 2025 : .सुबह सूरज अभी निकला ही था कि तापमान -35 डिग्री सेल्सियस, सांसें जम रही थीं, पर फावड़े और खुदाई मशीनें चल रही थीं। चिलिंग से नीराक और आगे पदम तक बर्फ से ढकी जमीन से 16000 हजार फुट की ऊंचाई पर बीआरओ के जवान व मजदूर एक और राह तलाशते हुए यानी मार्ग बनाते हुए आगे बढ़ते जा रहे हैं।  मजदूरों की मानें, तो वे ठंड नहीं देखते, बस मीटर गिनते हैं कि कितना रास्ता बन पाया है। हम बात कर रहे हैं 298 किलोमीटर लंबे निम्मो-पदम-दारचा-लेह रोड की। इसका कार्य तेजी से चला हुआ है। यहां सड़क बनते ही शिकुंला दर्रा रोड ऑल वैदर रोड कहलाएगा। इस सड़क में से कई सेक्शन 80 डिग्री की चढ़ाई पर हैं, तो कई जांस्कर नदी के बिलकुल किनारे पर। ऐसे में कभी मशीनें काम बंद कर देती हैं, तो कभी हाथ। फिर भी मजदूर और बीआरओ यहां रुकते नहीं हैं, बल्कि आगे बढ़ते हुए राह बनाते जा रहे हैं। लेह जाने के लिए यह सडक़ वर्ष 2026 तक तैयार होगी। साथ ही शिंकुला टनल बनने के बाद ही यह ऑल वैदर रोड कहलाएगी। इसके बाद यह सडक़ हर मौसम में खुली रहेगी। हालांकि अभी जितना पैच तैयार हुआ है, उससे सैलानियों व स्थानीय लोगों को सप्ताह में दो दिन बुधवार व रविवार को वाहनों को यहां से छोड़ा जाता है। कम समय में यह नया मार्ग मौजूदा दो रास्तों श्रीनगर-लेह और मनाली-लेह हाइवे के मुकाबले एक तीसरा विकल्प होगा। बता दें कि ऑल वैदर रोड पर सरकार की ओर से 3200 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। भविष्य में देश को मिलने वाले पांच बड़े फायदे सुरक्षा में मजबूती, चीन और पाकिस्तान से लगती सीमाओं पर सेना को त्वरित पहुंच व सप्लाई मिलेगी। कठिन मौसम में रसद पहुंचाना आसान होगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button