आखिरी नीलामी में भी नहीं बिके ठेके, अब सरकारी एजेंसियों को ही सौंपी जाएगी जिम्मेदारी
नीलाम नहीं हुई 240 दुकानें, अब सरकारी एजेंसियों के सहारे हिमाचल का एक्साइज डिपार्टमेंट

शिमला, 18 अप्रैल 2025 : हिमाचल प्रदेश में बचे हुए शराब के ठेकों की बिक्री के लिए गुरुवार को आखरी बार नीलामी की गई मगर इसमें भी कोई बड़ा रुझान नहीं मिल पाया है। सूत्रों के अनुसार प्रदेश के छह जिलों में अभी भी 240 से ज्यादा शराब ठेके नीलाम नहीं हो पाए हैं। राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने शराब ठेकेदारों को आखिरी मौका देते हुए गुरुवार को कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, लाहुल, बिलासपुर और शिमला में शराब ठेकों की नीलामी रखी थी, जिसमें कोई बड़ा रिस्पांस नहीं आ सका है। सूत्रों के अनुसार शिमला जिला में ज्यूरी क्षेत्र के दो शराब ठेके की बिक्री हुई, वहीं दो अन्य स्थानों पर भी शराब ठेके बिके। मंडी और कुल्लू में चार-चार शराब के ठेके नीलाम हो सके। बताया जा रहा है कि कांगड़ा जिला में कोई शराब ठेका नहीं बिक पाया, वहीं बिलासपुर में भी कमोवेश वही हालत है।ऐसे में अब तय है कि सरकार सरकारी एजेंसियों को ही शराब के ठेके देगी। प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन, स्टेट इंडस्ट्रियल डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन वन विकास निगम एचपीएमसी, हिमफेड और जीआईसी के माध्यम से शराब ठेकों में शराब का कारोबार करवाया जाएगा। इसको लेकर इन सभी बोर्ड निगमों ने अपनी रणनीति बना ली है। हालांकि उनके लिए यह नया काम है, परंतु सरकार के निर्देशों पर अब उन्हें यह काम करना ही होगा। ये सरकारी एजेंसियां शराब कारोबार से जुड़ने को तैयार हैं।
जीआईसी और एसआईडीसी के निदेशक मंडल ने शराब कारोबार में जुड़ने की मंजूरी दे दी है, वहीं सिविल सप्लाई कारपोरेशन ने भी अपनी रणनीति बना ली है। इनके अलावा शिमला शहर में नगर निगम शिमला को भी 19 शराब के ठेके दिए गए हैं।



