हिमाचल में बादल फटने से मची तबाही! चार की मौत, 16 लापता – क्या अब बढ़ेगा संकट? जानें पूरी खबर

मंडी (हिमाचल प्रदेश), 1 जुलाई : बीती रात से जारी मूसलधार बारिश और बादल फटने के कारण हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी तबाही मच गई है। मंडी जिले के गोहर, करसोग और धर्मपुर क्षेत्र में बादल फटने से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 16 लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य तेज़ी से चलाया जा रहा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है।
मंडी में बादल फटने से मची तबाही: कई घर और गोशालाएं क्षतिग्रस्त
पिछली रात गोहर, करसोग और धर्मपुर इलाके में भारी बारिश के साथ बादल फटे, जिससे कई घर और गोशालाएं तबाह हो गईं।
1. करसोग में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार लोग अब भी लापता हैं।
2. गोहर उपमंडल के स्यांज इलाके में फ्लैश फ्लड के कारण एक घर बह गया और सात लोग सैलाब में बह गए।
3. धर्मपुर के त्रियांबला में दो घर और पांच गोशालाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। साथ ही, 26 मवेशियों की भी मौत हो गई।
मुख्यमंत्री ने जताई संवेदना, राहत कार्य जारी
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस आपदा को लेकर दुख व्यक्त किया और प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह से राहत कार्यों में जुटी है और प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने लोगों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।
बाढ़ और भूस्खलन से हालत बिगड़े, कई इलाके प्रभावित
मंडी जिले के कई इलाके बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित हो गए हैं। पंडोह डेम से पानी छोड़े जाने के कारण ब्यास नदी में बाढ़ आ गई है, जिससे आसपास के इलाके जलमग्न हो गए हैं।
1. सराज क्षेत्र के कुकलाह और पटिकरी पावर प्रोजेक्ट भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
2. सुजानपुर के खैरी में ब्यास का जलस्तर बढ़ने से 5 से 7 घर पानी में डूब गए, लेकिन समय रहते 40 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
कांगड़ा और हिमाचल के अन्य स्कूल बंद
मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश के अलर्ट के कारण कांगड़ा जिले के सभी शैक्षिक संस्थान आज बंद रहेंगे।
1. कांगड़ा डीसी ने स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है, जबकि हमीरपुर जिले में भी सभी स्कूलों की छुट्टियां घोषित की गई हैं।
नदी-नाले उफान पर, प्रशासन की टीमें राहत में जुटी
मंडी जिले के विभिन्न नदी और नाले उफान पर हैं, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है। प्रशासन ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की हैं, जो राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। हालांकि, तेज बहाव और भूस्खलन के कारण कई स्थानों पर बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं।
मंडी प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार जिले में कई स्थानों से घरों और दुकानों में पानी घुसने की जानकारी मिल रही है। प्रशासन ने त्वरित राहत के लिए स्थिति पर लगातार नजर रखने की बात कही है।



