
जसविंदर सिंह संधू
चंडीगढ़, 8 मई एक तरफ देश युद्ध लड़ रहा है, तो दूसरी तरफ पंजाब और हरियाणा पानी के लिए एक-दूसरे से लड़ रहे हैं। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के फैसले के बाद जल विवाद खत्म होने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। आज सुबह करीब 9 बजे बीबीएमबी चेयरमैन बेहद गोपनीय तरीके से नंगल डैम के लिए रवाना हुए। उन्होंने रोपड़ जिला प्रशासन से सुरक्षा की मांग की थी। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के अध्यक्ष मनोज त्रिपाठी को पंजाब पुलिस ने नंगल डैम में प्रवेश करने से रोक दिया है। जानकारी के अनुसार, अधिकारियों व कर्मचारियों को भी पुलिस ने नंगल डैम के बाहर ही रोक दिया है। जब चेयरमैन नंगल डैम पहुंचे तो वहां पहले से तैनात पुलिस ने उन्हें रोक लिया। बताया जा रहा है कि चेयरमैन ने पुलिस अधिकारियों को हाल ही में आए हाईकोर्ट के फैसले का भी हवाला दिया। पुलिस ने बांध के पास के इलाके को सील कर दिया है। उल्लेखनीय है कि बांध पर पहले से ही पंजाब पुलिस तैनात थी। उच्च न्यायालय ने पंजाब पुलिस को बांध के संचालन एवं नियमन में हस्तक्षेप करने से रोक दिया है, लेकिन न्यायालय ने बांध की सुरक्षा के लिए पंजाब पुलिस पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। जानकारी के अनुसार बीबीएमबी चेयरमैन ने उच्च अधिकारियों को फोन पर इसकी जानकारी दे दी है। त्रिपाठी उच्च न्यायालय के फैसले के बाद भाखड़ा बांध से हरियाणा के लिए अतिरिक्त पानी छोड़ने के उद्देश्य से बांध पर पहुंचे थे। उन्होंने आज सुबह ही रोपड़ जिला प्रशासन को अपने दौरे के बारे में सूचित कर दिया था। इस बीच चेयरमैन के दौरे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी नंगल डैम जाने की योजना बना ली। ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव का माहौल है, बीबीएमबी चेयरमैन ने नंगल डैम का दौरा कर एक बार फिर पंजाब में राजनीतिक उथल-पुथल मचा दी है।



