7 मई को मारे गए आतंकियों की लिस्ट आई सामने, लश्कर से जैश तक के आतंकी शामिल
जिन 5 आतंकियों की मौत भारत की बड़ी जीत बनी:

नई दिल्ली, 10 मई-10 मई 2025 : पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने जो किया, वो अब सिर्फ जवाब नहीं, इतिहास बन गया है। 7 मई को भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में ड्रोन की मदद से जबरदस्त स्ट्राइक की। इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि सरकार ने की है। लेकिन इस स्ट्राइक की सबसे बड़ी सफलता अब सामने आई है। बता दे कि भारत ने सिर्फ बदला नहीं लिया, बल्कि दशकों पुराने ज़ख्म भी भर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस हमले में मारे गए 5 आतंकियों के नाम सामने आए हैं, जिनमें वो आतंकी भी शामिल है जिसे 1999 में कंधार विमान अपहरण के दौरान रिहा किया गया था। अब वो आतंकी इस दुनिया में नहीं रहा।
जिन 5 आतंकियों की मौत भारत की बड़ी जीत बनी:
1. मुदस्सर खडि़यान खास उर्फ अबू जुंदल (लश्कर-ए-तैयबा):
अबू जुंदल, लश्कर-ए-तैयबा का एक प्रमुख सदस्य था, जो कई आतंकवादी गतिविधियों में शामिल था। उसका अंतिम संस्कार पाकिस्तान के एक सरकारी स्कूल में हुआ, जहां हाफिज अब्दुल रऊफ, जो जैश-ए-मोहम्मद का वरिष्ठ सदस्य है, ने नमाज-ए-जनाजा अदा की। इस मौके पर पाकिस्तानी सेना के एक लेफ्टिनेंट जनरल और पंजाब पुलिस के आईजी भी मौजूद थे। यह उसकी आतंकवादी गतिविधियों को लेकर पाकिस्तान की प्रतिबद्धता को दिखाता है।
2. हाफिज मोहम्मद जमील (जैश-ए-मोहम्मद):
यह आतंकी जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा था और मौलाना मसूद अजहर का साला था। हाफिज जमील आतंकवादी हमलों में शामिल था और उसकी मौत भारत के लिए एक महत्वपूर्ण जीत मानी जा रही है। वह कई आतंकवादी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार था, जो भारतीय सुरक्षा बलों के लिए खतरा बने हुए थे।
3. मोहम्मद यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद जी (जैश-ए-मोहम्मद):
मोहम्मद यूसुफ अजहर, जो कंधार विमान अपहरण कांड में शामिल था, जैश-ए-मोहम्मद का एक अहम सदस्य था। वह मौलाना मसूद अजहर का साला था और भारतीय एजेंसियों के लिए एक वांछित आतंकी था। उसकी मौत एक बड़ी सफलता है, जो भारतीय सुरक्षा बलों के लंबे समय से चल रहे प्रयासों का नतीजा है।
4. खालिद उर्फ अबू अकाशा (लश्कर-ए-तैयबा):
अबू अकाशा लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य था, जो जम्मू और कश्मीर में कई आतंकवादी हमलों में शामिल था। इसके अलावा, यह अफगानिस्तान से हथियारों की तस्करी में भी शामिल था। खालिद का अंतिम संस्कार पाकिस्तान के फैसलाबाद में हुआ, जहां पाकिस्तानी सेना के उच्च अधिकारी और फैसलाबाद के डिप्टी कमिश्नर भी मौजूद थे। उसकी मौत भारतीय सेना के लिए एक बड़ी रणनीतिक सफलता साबित हुई है।
5. मोहम्मद हसन खान (जैश-ए-मोहम्मद):
मोहम्मद हसन खान, जैश-ए-मोहम्मद का सदस्य था और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में इसका नेटवर्क था। वह मुफ़्ती असग़र खान कश्मीरी का बेटा था, जो जैश-ए-मोहम्मद के ऑपरेशनल कमांडर थे। हसन खान भारतीय सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ा खतरा था और उसकी मौत ने जैश के नेटवर्क को तोड़ने में मदद की। यह स्ट्राइक सिर्फ एक जवाब नहीं, बल्कि एक सख्त संदेश है—अब भारत आतंक का अंत उसकी ज़मीन पर करेगा। सेना की ये कार्रवाई न सिर्फ सामरिक रूप से, बल्कि रणनीतिक तौर पर भी ऐतिहासिक रही।



