
जालंधर, 20 जून : जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने लोगों से हीटस्ट्रोक (लू) से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की है।
डीसी ने कहा कि जुलाई तक गर्म हवाओं का असर जारी रह सकता है, ऐसे में लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
हीटस्ट्रोक क्यों होता है? डीसी ने बताया कारण
डॉ. अग्रवाल ने कहा, “जब बहुत अधिक गर्मी पड़ती है, तो शरीर पसीने के ज़रिए खुद को ठंडा करने की कोशिश करता है। लेकिन लगातार गर्मी के कारण शरीर से पानी की कमी हो जाती है और शरीर का तापमान बाहर के तापमान जितना हो जाता है। इस स्थिति को हीटस्ट्रोक कहा जाता है।”
इन लोगों को अधिक खतरा
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि कुछ वर्गों को हीटस्ट्रोक का खतरा ज्यादा होता है, जैसे:
- छोटे बच्चे और बुजुर्ग
- गर्भवती महिलाएं
- हृदय रोगी और मोटापे से ग्रस्त लोग
- दिहाड़ी मजदूर और सड़कों पर काम करने वाले लोग
- शारीरिक रूप से कमजोर व्यक्ति
लक्षणों को न करें नजरअंदाज, तुरंत लें एक्शन
हीटस्ट्रोक के लक्षण गंभीर हो सकते हैं:
- शरीर में बेचैनी, घबराहट
- आंखों के आगे अंधेरा छाना
- चक्कर आना, बोलने में दिक्कत
- चिड़चिड़ापन, समझने में परेशानी
- चलते समय लड़खड़ाना
- तेज बुखार या दौरे पड़ना
लू से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय
डीसी ने जनता से आग्रह किया कि निम्नलिखित सावधानियां अपनाकर खुद को सुरक्षित रखें:
घर से निकलने से पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं
सूती, ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनें
सिर को गमछे, टोपी या छाते से ढकें
नींबू पानी, लस्सी, ओआरएस घोल जैसे तरल पदार्थ लें
दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बिल्कुल जरूरी हो तभी बाहर निकलें
बच्चों और बुजुर्गों को धूप में बाहर न भेजें
डीसी की अपील
“हीटस्ट्रोक को हल्के में न लें। यह जानलेवा साबित हो सकता है। थोड़ी सी सावधानी बरत कर हम अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य की सुरक्षा कर सकते हैं।”



