अनुसूचित जाति समुदाय पर अत्याचार निवारण अधिनियम के संबंध में जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक

फाजिल्का, 9 जनवरी- अनुसूचित जातितों पर अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक अतिरिक्त उपायुक्त जनरल डॉ. मनदीप कौर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति के विरुद्ध अत्याचार की कोई भी शिकायत प्राप्त होने पर पुलिस उसकी शीघ्रता से जांच कर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में न्याय के साथ-साथ पीड़ित को मुआवजा भी दिया जाता है। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि वे जांचाधीन मामलों की जांच शीघ्र पूरी कर आगे की कार्रवाई करें ताकि पीड़ितों को मुआवजा प्रदान किया जा सके। जिला सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधिकारी बरिंदर सिंह ने बताया कि इस कानून के अनुसार यदि किसी अन्य समुदाय का व्यक्ति अनुसूचित जाति समुदाय के व्यक्ति के विरुद्ध अपराध करता है तो दोषी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाती है तथा पीड़ित को मुआवजा भी दिया जाता है।
तहसील सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधिकारी श्री अशोक कुमार ने बताया कि अलग-अलग मामलों में मुआवजा राशि अलग-अलग है। उन्होंने कहा कि जिले में इस कानून के तहत पीड़ितों को 27.25 लाख रुपये का मुआवजा पहले ही दिया जा चुका है।
बैठक में उप जिला अटार्नी शिल्पा ढल्ल, बब्बू चेतीवाल, खजान सिंह, लाल चंद, गुरमीत सिंह, प्रिंसिपल सुखदेव सिंह, टिकू राम, नरिंदर सिंह, डॉ. ममता भी उपस्थित थे।



