7 करोड़ की ठगी: वर्धमान ग्रुप के चेयरमैन को ‘डिजिटल फंदे’ में फंसाने वाला अतनु चौधरी फिर गिरफ्तार

लुधियाना, 17 मई 2025 : लुधियाना पुलिस ने वर्धमान ग्रुप के चेयरमैन और पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित एस.पी. ओसवाल से ₹7 करोड़ की ठगी के मामले में मुख्य आरोपी अतनु चौधरी को फिर से गिरफ्तार कर लिया है। चौधरी को सितंबर 2024 में पहली बार गिरफ्तार किया गया था, लेकिन एक निचली अदालत ने उसे जमानत दे दी थी, इस शर्त पर कि वह जांच में सहयोग करेगा। बाद में चौधरी ने अग्रिम जमानत (anticipatory bail) की मांग की और दावा किया कि उसे झूठा फंसाया गया है। हालांकि, पुलिस ने उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है मामला?
एस.पी. ओसवाल से हुई इस ठगी को “डिजिटल अरेस्ट” फ्रॉड के रूप में अंजाम दिया गया था। इस धोखाधड़ी में ओसवाल से कुल ₹7 करोड़ की राशि ऐंठी गई थी, जिसमें बाद में पुलिस ने ₹5.25 करोड़ की रकम चौधरी के बैंक अकाउंट से रिकवर कर ली है। यह मामला एक बड़े साइबर फ्रॉड का हिस्सा था, जिसमें तकनीकी तरीके से ओसवाल को ठगा गया।
क्या हो रही है अब जांच?
पुलिस ने मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है और यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि इस ठगी में और कौन लोग शामिल हैं। साथ ही, पुलिस ने वर्धमान ग्रुप के चेयरमैन एस.पी. ओसवाल से हुई ठगी की पूरी कड़ी का पता लगाने के लिए साइबर एक्सपर्ट्स की मदद भी ली है।



