National

हरियाणा में बिजली दरों में बढ़ोतरी: उपभोक्ताओं की जेब पर असर, किसानों को राहत

जसविंदर सिंह संधू

चंडीगढ़, 2 अप्रैल: हरियाणा में आज से बिजली की दरें बढ़ा दी गई हैं। तीन साल बाद बिजली की दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। हरियाणा बिजली विनियामक आयोग (एचईआरसी) द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जारी नई टैरिफ दरें 1 अप्रैल से लागू हो गई हैं। यह वृद्धि बिजली निगमों के 4520 करोड़ रुपये के घाटे को पूरा करने के लिए की गई है, जिससे प्रदेश के 81 लाख उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा

### **नई बिजली दरें:**
– **किसानों के लिए:** प्रति यूनिट दर 6.48 रुपये से बढ़ाकर 7.35 रुपये कर दी गई है। हालांकि, सरकार किसानों से मात्र 10 पैसे प्रति यूनिट ही वसूलती है, जिससे सरकार पर सब्सिडी का भार और बढ़ जाएगा
– **औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए:**
– हाई टेंशन लाइन सप्लाई में 30 से 35 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी
छोटे कारखानों की एलटी सप्लाई में 10 से 15 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि
बल्क सप्लाई की दरें 40 पैसे तक बढ़ाई गई हैं।

### **300 यूनिट तक खपत वालों को राहत:**
हरियाणा सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए तीन नए स्लैब बनाए हैं।
– 150 यूनिट तक की खपत पर उपभोक्ताओं को 30 रुपये अधिक देने होंगे
– 151 से 250 यूनिट पर पहले 5.25 रुपये प्रति यूनिट था, जिसे अब 300 यूनिट तक बढ़ा दिया गया है, जिससे इस श्रेणी के उपभोक्ताओं को फायदा होगा

### **इंडस्ट्री के लिए महंगी बिजली:**
– **11 केवी सप्लाई:** 6.65 रुपये से बढ़ाकर 6.95 रुपये प्रति यूनिट
– **33 केवी कनेक्शन:** 6.55 रुपये से बढ़ाकर 6.85 रुपये प्रति यूनिट

### **मीटर कनेक्शन वाले किसानों को राहत:**
मीटर कनेक्शन वाली कृषि श्रेणी के लिए टैरिफ में कटौती की गई है। मासिक न्यूनतम शुल्क को 200 रुपये प्रति बीएचपी प्रति वर्ष से घटाकर क्रमशः 180 और 144 रुपये प्रति बीएचपी प्रति वर्ष कर दिया गया है।

### **एफएसए लागू: 200 यूनिट से अधिक खर्च पर अतिरिक्त भुगतान**
हरियाणा सरकार ने **फ्यूल सरचार्ज एडजस्टमेंट (एफएसए)** को 2026 तक बढ़ा दिया है। अब बिजली उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 47 पैसे अतिरिक्त एफएसए देना होगा
– 200 यूनिट से अधिक खपत पर:** 94.47 रुपये अतिरिक्त भुगतान
– 200 यूनिट तक की खपत पर:** कोई अतिरिक्त एफएसए नहीं लगेगा

यह निर्णय बिजली निगमों पर बढ़ते डिफॉल्टिंग अमाउंट को देखते हुए लिया गया है। बिजली दरों में हुई इस वृद्धि से घरेलू, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button