
जसविंदर सिंह संधू
चंडीगढ़, 28 जून। हरियाणा में मौसम एक बार फिर करवट बदलने जा रहा है। मौसम विभाग ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए राज्य के तीन जिलों — अंबाला, यमुनानगर और पंचकूला — में तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही प्रदेशभर में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
मानसून से पहले राहत की बूंदें
बीते दो दिनों से हरियाणा के अधिकतर हिस्सों में बादल छाए हुए हैं, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। बारिश के इस नए दौर से अधिकतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। रोहतक में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य के आसपास रहा। फिलहाल प्रदेश के सभी जिलों में तापमान 35 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है।
नदियों में उफान, निचले इलाकों में अलर्ट
हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में बादल फटने और मूसलाधार बारिश के बाद हरियाणा की ओर बहने वाली यमुना और घग्गर नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति को देखते हुए नदियों के किनारे बसे निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर वहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। हालांकि अभी तक हालात नियंत्रण में हैं।
मानसून को लेकर क्या बोले विशेषज्ञ?
हिसार के मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। बीते कुछ दिनों में बने चक्रवातीय सर्कुलेशन की वजह से मानसून ट्रफ दक्षिण की ओर राजस्थान क्षेत्र में अटका रहा। वर्तमान में वह सर्कुलेशन कमजोर पड़ गया है, लेकिन 28 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके बाद हरियाणा में मानसून की गतिविधियां तेज़ हो सकती हैं। अनुमान है कि 30 जून तक हरियाणा में मानसून पहुंच जाएगा।
क्या करें, क्या न करें — प्रशासन की सलाह
बिजली गिरने के अलर्ट के मद्देनज़र खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और ऊंचे स्थानों से दूर रहें।
नदी किनारे या निचले इलाकों में रहने वाले लोग प्रशासन की सलाह के अनुसार सावधानी बरतें।
स्कूल और कॉलेजों को भी एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
हरियाणा में मानसून के आने की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। ऐसे में यह बारिश केवल राहत ही नहीं, सावधानी भी मांगती है।



