
नई दिल्ली, 28 जून 2025 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 से 9 जुलाई तक 8 दिनों की यात्रा पर निकलेंगे, जिसमें वह अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के पांच देशों का दौरा करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत के वैश्विक रिश्तों को और मजबूत करना है। खासकर, ब्राजील में होने वाले 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी हिस्सा लेंगे, जहां विश्व स्तर पर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी।
घाना में तीन दशक बाद पहली यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी 2 जुलाई को घाना की यात्रा करेंगे, जो भारतीय प्रधानमंत्री की तीन दशकों में पहली घाना यात्रा है। यहां वह राष्ट्रपति नाना अकुफो-आडो से मिलकर भारत और घाना के बीच आर्थिक और रक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। इस यात्रा से दोनों देशों के रिश्तों में एक नया मोड़ आने की संभावना जताई जा रही है।
त्रिनिदाद और टोबैगो में ऐतिहासिक मुलाकातें
प्रधानमंत्री मोदी 3-4 जुलाई को त्रिनिदाद और टोबैगो का दौरा करेंगे। यह द्विपक्षीय यात्रा 1999 के बाद पहली बार हो रही है। यहां वह राष्ट्रपति क्रिस्टीन कंगालू और प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, मोदी त्रिनिदाद की संसद को भी संबोधित कर सकते हैं। इस दौरे से दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों में और मजबूती आएगी।
अर्जेंटीना के साथ रणनीतिक साझेदारी का विस्तार
5 से 6 जुलाई तक प्रधानमंत्री मोदी अर्जेंटीना पहुंचेंगे, जहां वह राष्ट्रपति जेवियर माइली से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में दोनों देश रक्षा, कृषि, खनन, व्यापार और ऊर्जा के क्षेत्रों में साझेदारी को और बढ़ाने पर ध्यान देंगे। यह यात्रा भारत और अर्जेंटीना के रिश्तों में नई रणनीतिक दिशा देगी।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और ब्राजील यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी 5-8 जुलाई तक ब्राजील में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन, एआई और अन्य मुद्दों पर महत्वपूर्ण चर्चा होगी। इसके अलावा, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा से भी मुलाकात होगी, जिसमें दोनों देशों के बीच रक्षा, अंतरिक्ष और अन्य सहयोग बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।
नामीबिया में प्रधानमंत्री की पहली यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी 9 जुलाई को नामीबिया पहुंचेंगे, जहां यह उनकी पहली यात्रा होगी। वह राष्ट्रपति नेटुम्बो नंदी-नदैतवाह से मिलकर दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करेंगे। इसके अलावा, पीएम मोदी वहां के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और पहले राष्ट्रपति डॉ. सैम नुजोमा को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के वैश्विक रिश्तों को नई दिशा देने और भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर और मजबूत करने का एक अहम कदम साबित होगी।



