पुरी रथ यात्रा में मची भगदड़, 3 श्रद्धालुओं की मौत, 50 घायल – अव्यवस्थाओं पर फूटा लोगों का गुस्सा

पुरी, 29 जून : ओडिशा के पुरी में रविवार सुबह भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। श्री गुंडिचा मंदिर के पास अचानक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे भगदड़ मच गई। हादसे में तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं, जबकि करीब 50 लोग घायल हो गए हैं।
अफरा-तफरी के हालात, कई श्रद्धालु कुचले गए
सुबह करीब 4:30 बजे भगवान बलभद्र, भगवान जगन्नाथ और देवी सुभद्रा के दर्शन शुरू होने पर हजारों की संख्या में लोग दर्शन के लिए उमड़ पड़े। श्रद्धालुओं की भीड़ अचानक बेकाबू हो गई, जिससे कई लोग गिर गए और भीड़ के पैरों तले कुचले गए। घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।
मृतकों की पहचान हुई
मरने वालों की पहचान 42 वर्षीय बसंती साहू (खोरदा), 78 वर्षीय प्रेमकांति मोहंती (नयापल्ली, भुवनेश्वर) और 52 वर्षीय प्रभाती दास (अथंतर, बालीपटना) के रूप में हुई है। घायलों का इलाज पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल में चल रहा है।
प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
घटना के बाद मृतकों के परिजनों और अन्य श्रद्धालुओं ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। पारादीप के संजीव कुमार नाइक ने बताया, “पुलिस मौके पर नहीं थी और न ही कोई एम्बुलेंस। मैंने खुद भीड़ के बीच से रास्ता निकालकर अपनी बेहोश पत्नी को कार से अस्पताल पहुंचाया।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सारदा बाली क्षेत्र में 30,000 से अधिक लोग इकट्ठे थे, लेकिन ना कोई पुलिस थी और ना ही कोई व्यवस्था।
अधिकारियों के बयान में भिन्नता
पुरी के एडिशनल एसपी सुशील मिश्रा ने तीन मौतों की पुष्टि की है, जबकि सीडीएमओ बी. अक्षय सतपथी के अनुसार दो लोगों की मौत और 10 घायल हैं। वहीं, पीटीआई की रिपोर्ट में 50 घायलों का ज़िक्र है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे ने रथ यात्रा जैसे बड़े आयोजन में प्रशासन की तैयारी और भीड़ प्रबंधन की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने घटना के लिए सीधे तौर पर प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।



