पंजाब के मेडिकल कॉलेजों में Interns को मिली ऐतिहासिक खुशखबरी, स्टाइपेंड में हुआ चौंकाने वाला बदलाव

जसविंदर सिंह संधू
चंडीगढ़, 1 जुलाई : पंजाब सरकार ने मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न्स और डॉक्टरों के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने उनके स्टाइपेंड में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। अब इंटर्न्स को हर महीने 15,000 रुपये की बजाय 22,000 रुपये मिलेंगे। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे डॉक्टरों के स्टाइपेंड को क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे साल 76,000, 77,000 और 78,000 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, सीनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में भी वृद्धि की गई है, अब उन्हें 92,000, 93,000 और 94,000 रुपये मिलेंगे।
सीएम भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल ने लिया संज्ञान
मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों और इंटर्न्स द्वारा हड़ताल पर जाने के बाद इस मुद्दे ने राजनीतिक तूल भी पकड़ा। विपक्ष ने इसे जोर-शोर से उठाया, जिसके बाद पंजाब सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया। मुख्यमंत्री भगवंत मान और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया और स्टाइपेंड बढ़ाने का फैसला किया।
संकट के बीच बढ़ी राहत, अब सेवाएं सामान्य
इसके बाद, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों से बातचीत की और उनके स्टाइपेंड में वृद्धि का ऐलान किया। इसके साथ ही, उन्होंने दावा किया कि अब सभी मेडिकल अस्पतालों में सेवाएं आम जनता के लिए पूरी तरह से शुरू हो गई हैं। स्टाइपेंड में वृद्धि पर मुहर लगते ही डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली और ओपीडी तथा ऑपरेशन थिएटर सामान्य हो गए हैं।
वित्त मंत्री की बैठक में हुआ अंतिम निर्णय
फाइनेंशियल मुद्दों पर चर्चा करने के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण मीटिंग आयोजित की गई। इस बैठक में स्टाइपेंड बढ़ाने के प्रस्ताव पर सहमति बनी, जिसके बाद हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया गया। इस फैसले से न केवल डॉक्टरों को राहत मिली है, बल्कि पंजाब के आम लोगों को भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद जगी है।



