
कोटकपूरा 5 जनवरी- कोटकपुरा में डेरा बाबा शेख फरीद हरिनौ के संस्थापक जन्नती खलीफा बाबा मोहन चिश्ती की स्मृति को समर्पित कार्यक्रम में सूफी आध्यात्मिक स्पर्श देखने को मिला। स्थानीय मोगा रोड पर ट्रक यूनियन के पास हुए कार्यक्रम में महफिल-ए-कवाली, समाप्ति शरीफ और दुआ, पीरों का दीवान शामिल थे। इस दौरान मुहम्मद शरीफ सीना कव्वाल (मलेरकोटला वाले) ने कव्वाली गायन के माध्यम से अल्लाह की प्रशंसा और महिमा की और दर्शकों को अपनी कव्वाली से मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने बाबा मोहन चिश्ती की जीवनी और शिक्षाओं के बारे में भी जानकारी सांझा की। इस मौके पर जन्नती खलीफा बाबा मोहन चिश्ती के बेटे और डेरा बाबा शेख फरीद हरिनौ के मौजूदा गद्दीनशीन खलीफा बाबा रंजीत चिश्ती ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि परमात्मा ही सब कुछ है, जो जीवन भर परमात्मा के सामने झुकता है उसे दोबारा किसी के आगे झुकना नहीं पड़ता।उन्होंने आगे कहा, “परमात्मा, हमें अपने जीवन में प्रेम, करुणा और सहिष्णुता रखने की शक्ति दें। हमें एक-दूसरे के साथ सद्भाव से रहने की शक्ति दें और एक-दूसरे की मदद करने की इच्छा प्रदान करे। शनिवार रात को सजे पीरों के दीवान के दौरान विराजमान बाबा रणजीत चिश्ती ने संगत को जीवन की समस्याओं का समाधान भी बताया। उन्होंने संगत की समस्याएं सुनीं और उन्हें ईश्वर को याद करने, प्रेम, दया और सहनशीलता की शक्ति अपनाने और एक-दूसरे के साथ सद्भाव से रहने के लिए प्रोत्साहित किया।इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सभी धर्मों के श्रद्धालु मौजूद थे और सभी ने इस मौके को बेहद भावुक और यादगार बना दिया।



