
नई दिल्ली, 24 जून, 2025ः इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स के हेडिंग्ले में खेले जा रहे टेस्ट में मैदानी अंपायर से तनातनी करना भारत के उप-कप्तान ऋषभ पंत को भारी पड़ाआईसीसी ने नियमों का उल्लंघन करने के लिए उन्हें एक डिमेरिट अंक दिया है।
एक डिमेरिट अंक जुड़ा
पंत को खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ से जुड़ी आईसीसी आचार संहिता की धारा 2.8 के उल्लघंन का दोषी पाया गया जो अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान अंपायर के फैसले पर नाराजगी जताने से संबंधित है। इसके अलावा पंत के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक जोड़ा गया है। यह उनका 24 महीनों में पहला अपराध था। पंत ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है और आईसीसी मैच रैफरी के आईसीसी एलीट पैनल के रिची रिचर्डसन द्वारा दी गई सजा को भी स्वीकार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
इंग्लैंड की पहली पारी के 61वें ओवर में मोहम्मद सिराज गेंदबाजी करने आए। ओवर की तीसरी गेंद के बाद बुमराह ने बॉल को लेकर अंपायर से शिकायत की। अंपायर से गेंद को बॉल चेकर (गेज) में डालकर जांच करने को कहा। हालांकि, गेंद पास हो गई और अंपायर ने खेल जारी रखने कहा। इसके बाद ओवर की पांचवीं गेंद पर हैरी ब्रूक ने आगे निकलकर चौका लगाया। इसके बाद पंत ने भी गेंद को लेकर दूसरे अंपायर से शिकायत की। गेंद एक बार फिर गेज टेस्ट में पास हो गई, लेकिन पंत इससे नाखुश दिखे। उन्होंने गुस्से में अंपायर के सामने गेंद को दूर फेंक दिया।



