
चंडीगढ़/हरियाणा, 12 जून – हरियाणा में इन दिनों भीषण गर्मी लोगों पर कहर बनकर टूटी है। तापमान लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहा है और लू की चपेट में आने का खतरा बढ़ता जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के 9 जिलों में 13 जून तक के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि कुछ इलाकों में पारा 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। बुधवार को हरियाणा के 6 जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। लोग दिन के समय घरों में बंद रहने को मजबूर हैं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
मौसम विभाग का अलर्ट: 14 जून से मिल सकती है राहत
मौसम विभाग, चंडीगढ़ केंद्र के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल ने बताया कि 14 से 16 जून के बीच पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से धूल भरी हवाएं चलेंगी और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। इससे तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट आ सकती है, जिससे राहत की उम्मीद है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
गर्मी के बढ़ते खतरे को देखते हुए चिकित्सकों ने नागरिकों को अधिक पानी पीने, हल्के व सूती कपड़े पहनने, और 11 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों को लू से बचाने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
जनजीवन अस्त-व्यस्त
गर्मी ने न सिर्फ लोगों की दिनचर्या पर असर डाला है बल्कि बिजली की मांग भी चरम पर पहुंच गई है। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। खेतों में काम करने वाले मजदूर, रिक्शा चालक, निर्माण श्रमिक और खुले में काम करने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
प्रशासन की एडवाइजरी
गुरुग्राम के डीसी अजय कुमार ने जिलेवासियों के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं:
सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर न निकलें।
सिर और चेहरा ढक कर रखें, टोपी व चश्मा लगाएं।
पानी, नींबू पानी, छाछ और अन्य तरल पदार्थ लेते रहें।
प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और आमजन को जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार भी कर रहा है।
निष्कर्ष: फिलहाल हरियाणा में गर्मी से राहत की कोई तत्काल उम्मीद नहीं है। प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेते हुए आमजन को सतर्क और सुरक्षित रहना होगा। 14 जून से मौसम के नरम होने की संभावनाएं हैं, लेकिन तब तक सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।



