Punjab

सिविल अस्पताल फाजिल्का के अकाउंटेंट को रिश्वत मामले में दोषी ठहराया गया और 25,000 रुपये के जुर्माने के साथ पांच साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई।

फाजिल्का, 14 फरवारी-न्यायालय श्री अजीत पाल सिंह अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फाजिल्का ने आरोपी धर्मवीर अकाउंटेंट सिविल अस्पताल फाजिल्का को दोषी करार दिया। मामले का शिकायतकर्ता फाजिल्का के सिविल अस्पताल में कैंटीन चलाता था। सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अनुसार गर्भवती महिलाओं को सिविल अस्पताल फाजिल्का में डिलीवरी के लिए मुफ्त आहार प्रदान किया जाता है। शिकायतकर्ता राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य आयोग की जननी सुरक्षा सेवा कार्यक्रम योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को मुफ्त आहार प्रदान कर रहा था। अकाउंटेंट होने के नाते आरोपी ने शिकायतकर्ता से आहार आदि की आपूर्ति से संबंधित बिलों को मंजूरी देने के लिए रिश्वत की मांग की, शिकायतकर्ता ने सतर्कता ब्यूरो से संपर्क किया और जाल बिछाया गया और आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। अभियोजन और बचाव पक्ष को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी के खिलाफ आरोपों को पूरी तरह से साबित पाया और दोषी ठहराया और उसे 25,000 रुपये के जुर्माने के साथ पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी कहा कि जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषी को छह महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।

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