सरकारी भूमि पर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बेदखली की कार्रवाई करें : हाईकोर्ट
हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव को दिए आदेश, सभी संबंधित विभागों को जारी करें आवश्यक निर्देश

शिमला, 20 जून 2025 : हिमाचल प्रदेश सरकार का पांच या 10 बीघा अतिक्रमित सरकारी भूमि को नियमित करने का कोई इरादा नहीं है। यह बात सरकार की ओर से हाई कोर्ट को अतिक्रमण से जुड़े मामलों पर सुनवाई के दौरान कही गई। इस पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि वह वन भूमि सहित सरकारी भूमि पर सभी अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बेदखली की कार्यवाही को फिर से शुरू करने के लिए राजस्व और वन विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करें। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश बीसी नेगी की खंडपीठ ने मुख्य सचिव को 15 जुलाई तक ऐसे अतिक्रमणकारियों को भूमि से बेदखल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अन्य समान मामलों में पारित आदेशों के मद्देनजर, पांच बीघा अतिक्रमित सरकारी भूमि को बनाए रखने का संरक्षण अपनी प्रभावकारिता और प्रवर्तनीयता खो चुका है। कोर्ट ने प्रतिवादियों को 21 जुलाई तक स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया है। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा है कि सरकार की ओर से दिए गए स्पष्ट बयान के मद्देनजर कि पांच या 10 बीघा तक किसी भी अतिक्रमित भूमि पर कब्जा बनाए रखने की अनुमति देने के लिए कोई नीति अस्तित्व में नहीं है या प्रस्तावित नहीं है, कोई भी व्यक्ति अतिक्रमित सरकारी भूमि को अपने पास रखने का हकदार नहीं है।



