बालसमंद से दिल्ली भेजा गया पाकिस्तानी हिंदू परिवार, वीज़ा खत्म होने और सरकारी आदेश के चलते कार्रवाई

हिसार (बालसमंद), 26 अप्रैल। हिसार जिले के बालसमंद गांव में बीते सात महीने से रह रहा 15 सदस्यीय पाकिस्तानी हिंदू परिवार अब दिल्ली भेज दिया गया है। पुलिस ने यह कदम उनके वीज़ा की अवधि खत्म होने और भारत सरकार के निर्देशों के बाद उठाया। इस परिवार में तीन लड़कियां, आठ बच्चे, तीन महिलाएं और एक बुजुर्ग शामिल हैं।
वीज़ा खत्म, खेती से कर रहे थे गुज़ारा
जानकारी के अनुसार, इस परिवार का वीज़ा 25 अक्टूबर 2024 को समाप्त हो गया था। इसके बावजूद वे बालसमंद गांव में एक निजी अस्पताल की ज़मीन पर रहकर खेती और दिहाड़ी का कार्य कर रहे थे।
परिजनों ने बताया कि पाकिस्तान में धर्म के आधार पर उन्हें प्रताड़ना झेलनी पड़ी। स्कूलों में हिंदू बच्चों को कुरान पढ़ने के लिए मजबूर किया जाता था, जिसके चलते वे भारत आ गए थे और अब वापस पाकिस्तान नहीं लौटना चाहते।
भारत सरकार ने रद्द किया सार्क वीज़ा
हाल ही में केंद्र सरकार ने पाकिस्तानियों को जारी सार्क वीज़ा रद्द कर दिया है और सभी पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे में भारत छोड़ने का आदेश जारी किया गया। इसके चलते बालसमंद में रह रहे इस परिवार को बस के माध्यम से दिल्ली स्थित पाकिस्तानी कैंप भेजा गया। अब आगे की प्रक्रिया केंद्र सरकार के स्तर पर की जाएगी।
कैसे पहुंचे थे बालसमंद
इस परिवार का भारत आगमन भी एक दिलचस्प घटनाक्रम के तहत हुआ। राजस्थान के जैसलमेर में कब्जा हटाने की कार्रवाई के दौरान बालसमंद निवासी शमशेर और IAS टीना डाबी वहां पहुंचे थे। वहीं, उनकी मुलाकात दिल्ली निवासी हरिओम से हुई, जिनके माध्यम से पाकिस्तानी निवासी दयालदास ने अपने रिश्तेदारों का वीजा लगवाया और परिवार को बालसमंद लाया गया।
स्थानीय पुलिस व प्रशासन की भूमिका
बालसमंद चौकी प्रभारी शेषकरण ने बताया कि इस परिवार को पुलिस सुरक्षा में दिल्ली भेजा गया है।
गांव के सरपंच प्रतिनिधि धीरु ने भी पुष्टि की कि यह परिवार गांव में शांतिपूर्वक रहकर खेती कर रहा था।



