
नई दिल्ली, 24 अप्रैल- पाकिस्तान ने भारत के साथ शिमला समझौता सस्पेंड किया
पाकिस्तान ने भारत के साथ सभी द्विपक्षीय समझौते सस्पेंड किए,
सभी द्विपक्षीय समझौते तत्काल प्रभाव से स्थगित
1972 का शिमला समझौता औपचारिक रूप से रद्द
SAARC-SVE वीजा स्कीम स्थगित; भारतीय नागरिकों को 48 घंटे में देश छोड़ने का आदेश
सिख तीर्थयात्रियों को अस्थायी छूट
भारत-पाकिस्तान के बीच सभी व्यापारिक लेनदेन बंद
भारत से संचालित एयरलाइनों के लिए पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र बंद
वाघा बॉर्डर सील
ये फैसले दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और आर्थिक गतिविधियों को लगभग पूरी तरह ठप कर सकते हैं।
शिमला समझौते की ऐतिहासिक अहमियत
1972 में हुए शिमला समझौते ने भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी विवाद को द्विपक्षीय बातचीत के ज़रिए सुलझाने का आधार तैयार किया था। यह समझौता 1971 के युद्ध के बाद बना, जब भारत ने पाकिस्तान के 90,000 सैनिकों को बंदी बनाया था। इस समझौते का अंत, दोनों देशों के बीच लंबे समय से बने संवाद के ढांचे को तोड़ने जैसा है।
भारत ने राजनयिक निष्कासन के जरिए दी चेतावनी
भारत ने पाकिस्तान के वरिष्ठ राजनयिक साद अहमद वराइच को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित कर एक सप्ताह के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया है। यह कदम उस तनाव का हिस्सा है जो पहलगाम हमले के बाद दोनों देशों के बीच पैदा हुआ।



