पंजाब सरकार की जमीन हड़पने की साजिश: 40 हजार किल्ले और फिरोजपुर की 313 किल्ले जमीन खतरे में
पूर्व मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी के नेतृत्व में फिरोजपुर में सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

बाल किशन
फिरोजपुर, 15 जुलाई: पंजाब सरकार द्वारा राज्य की 40 हजार किल्ले जमीन और विशेष रूप से फिरोजपुर की 313 किल्ले जमीन को हड़पने की कोशिशों के खिलाफ आज फिरोजपुर के डीसी कार्यालय के सामने एक विशाल धरना आयोजित किया गया। इस धरने का नेतृत्व पूर्व कैबिनेट मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने किया। धरने में बड़ी संख्या में किसानों, स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया, जिन्होंने सरकार की नीतियों के खिलाफ तीखे स्वर में रोष व्यक्त किया। राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब की अर्थव्यवस्था और संस्कृति की नींव किसानी और जमीन है, लेकिन राज्य सरकार इसे जबरन हड़पने की साजिश रच रही है। उन्होंने कहा, “पंजाब के गांवों की रीढ़ की हड्डी किसान और उसकी जमीन है। सरकार की मनमानियों ने किसानों को संगठित होने के लिए मजबूर कर दिया है। हम इस अन्याय को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।”सोढ़ी ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ‘पब्लिक यूटिलिटी’ के नाम पर लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (एलएआर-2013) एक्ट को तोड़-मरोड़कर किसानों की जमीन हड़पने की कोशिश कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल जमीन की लूट नहीं, बल्कि पंजाब की विरासत, इतिहास और संस्कृति पर सीधा हमला है। पंजाब की पहचान इसके गांवों और खेतों से है। राणा सोढ़ी ने सरकार के प्रशासनिक ढांचे पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सारे अधिकार चीफ सेक्रेटरी को सौंप दिए हैं, जो आम लोगों और किसानों के हितों को नजरअंदाज कर मनमर्जी से आदेश पारित कर रहे हैं। यह सरकार की तानाशाही नीतियों का सबूत है। आम लोगों की आवाज को दबाया जा रहा है और किसानों की रोटी छीनने की कोशिश की जा रही है। धरने में शामिल अन्य वक्ताओं ने भी सरकार की नीतियों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि पंजाब के गांव और खेत राज्य की अर्थव्यवस्था का मुख्य स्रोत हैं। पंजाब को देश का अन्न भंडार कहने का गौरव इन्हीं खेतों के कारण है। सरकार की जमीन हड़पने की नीतियों को रोकने के लिए लोगों ने एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया। इस मौके पर राणा सोढ़ी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने अपनी नीतियों में सुधार नहीं किया और किसानों की जमीन हड़पने की कोशिशें नहीं रोकीं, तो पंजाब के किसान और आम लोग सड़कों पर उतरेंगे और इस अन्याय के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। धरने के दौरान किसानों और स्थानीय लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगें जल्द पूरी करने की अपील की। इस अवसर पर शमशेर सिंह काकर जिला अध्यक्ष भाजपा, जुगराज सिंह कटोरा, नतिंदर मुखीजा, हरिंदर सिंह कुल, मनीष धवन, दविंदर जंग, विक्की सिद्धू, कारज सिंह, आहला, सरबजीत सिंह बोबी बाठ, दविंदर कपूर, विजय कैंथ, अशोक सहगल, मेजर टिब्बी, रवि चावला, अमरजीत सिंह घारू, सुरिंदरपाल सिंह सिद्धू, लखबीर संधू, भगवान सिंह भुल्लर, साहब सिंह मुदका, मोहन सिंह लालका, दरबारा सिंह, मिक्की प्रधान, भजन बारे के, विनी गुप्ता, विक्रमजीत पोजो के, दीदार सियाल आदि मौजूद थे।



