
जसविंदर सिंह संधू
चंडीगढ़, 29 मई : पाकिस्तान सीमा से लगे राज्यों में सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए केंद्र सरकार ने मॉक ड्रिल की योजना बनाई थी। हालांकि, पंजाब में प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से यह ड्रिल स्थगित कर दी गई है। अब यह अभ्यास 3 जून 2025, मंगलवार को आयोजित किया जाएगा। ड्रिल के दौरान ब्लैकआउट, सायरन अलर्ट और अन्य आपात प्रबंधन उपाय लागू होंगे। लोगों को पहले से ही सतर्क रहने और सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
क्यों टली पंजाब की मॉक ड्रिल?
सूत्रों के अनुसार, पंजाब सरकार को इस अभ्यास को लेकर कुछ तकनीकी और प्रशासनिक तैयारी अधूरी मिली, जिसके कारण इसे आज की बजाय 3 जून को दोबारा आयोजित करने का फैसला लिया गया। इस दिन रात के समय ब्लैकआउट और खतरे के सायरन जैसे हालात तैयार किए जाएंगे, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया प्रणाली की जांच हो सके।
क्या है मॉक ड्रिल का मकसद?
मॉक ड्रिल किसी भी आपात स्थिति — चाहे वो आतंकी हमला, सीमा पर तनाव, या ड्रोन घुसपैठ हो — उससे निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों और आम जनता की तैयारियों को परखने का एक जरिया है। इसका मकसद है:
- जनता को सतर्क रखना
- आपदा प्रबंधन को तेज करना
- सामूहिक कार्रवाई प्रणाली को जांचना
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ा अभ्यास का दायरा
पिछले दिनों पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की थी। इसी कड़ी में, 7 मई को देश के 244 जिलों में एक साथ मॉक ड्रिल की गई थी जिसमें ड्रोन हमलों से निपटने के लिए ब्लैकआउट और लाइव रेस्पॉन्स सिस्टम को टेस्ट किया गया था। अब उसी रणनीति के तहत सीमावर्ती राज्यों जैसे पंजाब में विशेष अभ्यास दोबारा किया जा रहा है, ताकि दुश्मन की हर हरकत पर तगड़ा जवाब देने की तैयारी रहे।
आम नागरिकों के लिए ज़रूरी अलर्ट:
- मॉक ड्रिल के दौरान ब्लैकआउट होगा, घबराएं नहीं
- अफवाहों से बचें, केवल सरकारी निर्देशों पर भरोसा करें
- घर के आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखें
- अपने परिवार और बच्चों को ड्रिल के बारे में पहले से जागरूक करें



