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धरनों के कारण पंजाब पिछड़ गया, युवाओं को नशे से बचाने के लिए रोजगार ही एकमात्र प्रभावी उपाय – बलतेज पन्नू

युवाओं की समस्या केवल नशा खत्म करने से खत्म नहीं होगी, इसके लिए उन्हें रोजगार भी देना होगा और यह उद्योग-व्यापार के बिना संभव नहीं हो सकता - पन्नू 

चंडीगढ़, 20 मार्च- आम आदमी पार्टी के नेता बलतेज पन्नू ने कहा कि इस समय पंजाब नशे के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ रहा है। यह लड़ाई आपके सहयोग के बिना संभव नहीं है। नशे के खिलाफ यह युद्ध केवल कुछ लोगों को पकड़ने या नशा तस्करों पर कार्रवाई करने से खत्म नहीं होगाइसके लिए और भी कदम उठाने की जरूरत है। आप नेता ने कहा कि पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाइयां लोगों में विश्वास जरूर पैदा कर रही हैं, पिछले एक महीने में आपने देखा कि पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ अलग-अलग क्षेत्रों में बहादुरी और समझदारी से कार्रवाई की है। लेकिन केवल नशा बेचने वालों को पकड़ने से यह समस्या खत्म नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को नशे की लत लग गई है, उन्हें इस दलदल से बाहर निकालना होगा। यह डिमांड और सप्लाई का मामला है और नशे से हटाने के लिए सबसे जरूरी है रोजगार देना। जब युवाओं के हाथों से नशे की सुई छीनकर उनके हाथों में काम और टिफिन देंगे, तो वे जल्दी खुद लत को छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में पूरी कोशिश कर रही है। 50 हजार से ज्यादा नौकरियां बिना सिफारिश और रिश्वत के दी गई हैं। लेकिन इस युग में निजी क्षेत्र की भूमिका को नकारा नहीं जा सकतापंजाब में पिछले कुछ सालों में औद्योगीकरण और व्यापार में काफी गिरावट आई है। 2003 में पंजाब भारत की जीडीपी में सबसे ज्यादा योगदान करने वाला राज्य था, लेकिन आज 19वें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या और बेरोजगारी आपस में जुड़ी हुई हैं। बेरोजगारी नशे की सबसे बड़ी वजह है। हाईवे और सड़कें बंद होने से उद्योगव्यापार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इसलिए मेरी किसानों से अपील है कि वे दिल्ली में केंद्र सरकार से के खिलाफ लड़ाई  लड़ें क्योंकि पंजाब की सड़कें बंद करने से केंद्र सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगालेकिन इससे यहां के आर्थिक हालात और खराब हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार और पंजाब की जनता किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और आगे भी खड़ी रहेगी, लेकिन इस तरह सड़कों को रोककर लड़ाई नहीं जीती जा सकतीइससे आम लोग और व्यापारी परेशान हों रहे हैं और पंजाब को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।

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