Punjab

गुरुग्राम क्लब ब्लास्ट की साजिश का पर्दाफाश: गोल्डी बराड़ समेत 5 के खिलाफ NIA ने दर्ज की चार्जशीट

नई दिल्ली, 7 जून 2025 : नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने गुरुग्राम के सेक्टर-29 स्थित दो क्लबों में बम धमाकों के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी है। इनमें कनाडा में बैठे कुख्यात आतंकी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ और अमेरिका में रह रहे रणदीप सिंह उर्फ रणदीप मलिक के नाम भी शामिल हैं। NIA की चार्जशीट के मुताबिक, इस ब्लास्ट के पीछे प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) की गहरी साजिश थी।

चार्जशीट में कौन-कौन आरोपी?

NIA द्वारा दायर चार्जशीट में कुल पाँच आरोपियों के नाम शामिल हैं। इनमें सबसे प्रमुख नाम कनाडा में बैठा कुख्यात गैंगस्टर और घोषित आतंकी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ का है, जो इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। उसके साथ अमेरिका में मौजूद रणदीप सिंह उर्फ रणदीप मलिक को भी साजिश में शामिल पाया गया है। दोनों अभी फरार हैं और विदेश में छिपे हुए हैं।

बाकी तीन आरोपी – सचिन तल्या, अंकित, और भाविश – हरियाणा से गिरफ्तार किए जा चुके हैं और वे इस हमले की स्थानीय स्तर पर तैयारी, बम लगाने और धमकी भरे संदेश फैलाने में सक्रिय रूप से शामिल थे। इन सभी को BKI के नेटवर्क का हिस्सा बताया गया है, जो भारत में आतंक फैलाने की बड़ी साजिश का हिस्सा हैं।

धमाके का उद्देश्य: सांप्रदायिक तनाव और अशांति फैलाना

NIA की जांच में खुलासा हुआ है कि धमाकों का मकसद हरियाणा और इसके आसपास के इलाकों में सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाना और शांति भंग करना था। Warehouse Club और Human Club को निशाना बनाकर हिंसा फैलाने की साजिश रची गई थी।

कब और कैसे हुई थी घटना?

यह घटना 10 दिसंबर 2024 को हरियाणा के गुरुग्राम के सेक्टर-29 में स्थित दो नामी क्लब – Warehouse Club और Human Club – में हुई थी। देर रात क्लब परिसर में दो बम धमाके किए गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जांच में सामने आया कि यह हमला बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के सदस्यों और उनके सहयोगियों द्वारा सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था। इस पूरी साजिश का नेतृत्व कनाडा में बैठे गोल्डी बराड़ और अमेरिका में मौजूद रणदीप मलिक ने किया था, जिन्होंने भारत में मौजूद अपने नेटवर्क के जरिए हमले की योजना बनाकर उसे अंजाम तक पहुंचाया।

आतंक फंडिंग और धमाकों की प्लानिंग

जांच में सामने आया कि यह गिरोह वसूली, आतंक फंडिंग, हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी, और सोशल मीडिया व धमकियों के जरिए आम जनता में डर फैलाकर देश की अखंडता, सुरक्षा और संप्रभुता को चुनौती दे रहा था।

NIA की जांच जारी, इंटरनेशनल लिंक भी टारगेट

NIA की टीम अब विदेश में बैठे मास्टरमाइंड्स तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। गोल्डी बराड़ पहले ही भारत में कई संगीन मामलों में वांछित है और अब उसे BKI के वैश्विक आतंकी नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।

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